यूरोप में सार्वजनिक जगहों पर चेहरा ढकने वाले परिधानों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। इटली में स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक की योजना सामने आने के कुछ ही दिनों बाद अब स्पेन के लियेडा शहर में भी सार्वजनिक स्थानों पर पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों को लेकर नई नगर व्यवस्था मंजूर की गई है। हालांकि, यहां एक बात साफ समझना जरूरी है कि यह पूरे स्पेन में लागू होने वाला राष्ट्रीय प्रतिबंध नहीं, बल्कि लियेडा नगर परिषद का स्थानीय नियम है।
लियेडा में क्या फैसला लिया गया?
स्पेन के कैटेलोनिया क्षेत्र में स्थित लियेडा की नगर परिषद ने 25 सितंबर 2026 को नई नागरिक व्यवस्था को मंजूरी दी। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे कपड़े या अन्य चीजें पहनने पर रोक लगाई गई है, जो चेहरे को पूरी तरह ढक देती हैं। नियम में बुर्का या नकाब का नाम सीधे नहीं लिखा गया है, बल्कि पूरे चेहरे को छिपाने वाले तत्वों को आधार बनाया गया है। व्यवहारिक रूप से इसमें बुर्का और नकाब जैसे परिधान भी आते हैं।
नगर परिषद के अनुसार यह फैसला सुरक्षा के आधार पर नहीं, बल्कि नागरिक व्यवहार और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े तर्कों के आधार पर तैयार किया गया है। इसी वजह से यह मामला केवल एक स्थानीय प्रशासनिक फैसले तक सीमित नहीं रहा और स्पेन में व्यक्तिगत स्वतंत्रता, धार्मिक अभिव्यक्ति तथा सार्वजनिक नियमों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।
नियम तोड़ने पर 750 यूरो तक जुर्माना
नई नगर व्यवस्था में नियम का उल्लंघन करने पर आर्थिक दंड का प्रावधान रखा गया है। सार्वजनिक स्थान पर चेहरे को पूरी तरह ढकने वाले परिधान से संबंधित उल्लंघन के लिए 400 से 750 यूरो तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, नियम में कुछ परिस्थितियों के लिए अपवाद भी रखे गए हैं।
लियेडा की व्यवस्था के अनुसार धार्मिक स्थलों और उन परिस्थितियों में यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा जहां सामाजिक रूप से स्वीकार्य कारणों से चेहरे को ढकना सामान्य हो। इसके अलावा मौलिक अधिकारों के इस्तेमाल से जुड़ी कुछ परिस्थितियों को भी अपवाद के दायरे में रखा गया है।
लियेडा में यह पहली बार नहीं है
दिलचस्प बात यह है कि लियेडा में चेहरे को ढकने वाले परिधानों को लेकर विवाद नया नहीं है। शहर ने इससे पहले भी ऐसा कदम उठाया था। 2010 में लियेडा ने सार्वजनिक और नगरपालिका स्थानों में पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर रोक लगाई थी। बाद में मामला अदालत तक पहुंचा और 2013 में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने उस नगर व्यवस्था को रद्द कर दिया था। अदालत ने माना था कि स्थानीय निकाय मौलिक धार्मिक स्वतंत्रता को इस तरह सीमित करने के लिए पर्याप्त अधिकार नहीं रखता था।
इसी पुराने कानूनी विवाद की वजह से इस बार लियेडा के नए नियम को लेकर कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण हो गया है। नई व्यवस्था किस तरह कानूनी कसौटियों पर टिकती है, यह आगे होने वाली संभावित न्यायिक चुनौती में अहम मुद्दा बन सकता है।
नगर परिषद में भी दिखा राजनीतिक मतभेद
इस फैसले पर नगर परिषद में सभी राजनीतिक दल एकमत नहीं थे। RTVE और EFE के अनुसार व्यवस्था को PSC-Units, Junts और Vox के पार्षदों का समर्थन मिला, जबकि PP, ERC और Comú ने इसके खिलाफ मतदान किया। इस तरह अलग-अलग राजनीतिक विचार रखने वाले दलों के समर्थन और विरोध ने फैसले को स्थानीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण बना दिया है।
क्या पूरे स्पेन में बुर्का और नकाब पर रोक लग गई?
यह सवाल इस खबर के साथ सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। नहीं, लियेडा का फैसला पूरे स्पेन पर लागू होने वाला राष्ट्रीय कानून नहीं है। यह लियेडा नगर परिषद द्वारा पारित स्थानीय नगर व्यवस्था है। इसलिए इसे पूरे देश में बुर्का या नकाब पर प्रतिबंध के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा।
हालांकि, स्पेन में इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक और विधायी बहस चलती रही है। फरवरी 2026 में स्पेन की संसद के दस्तावेजों में सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे परिधानों को प्रतिबंधित करने से जुड़ा प्रस्ताव दर्ज हुआ था, जिसमें बुर्का और नकाब जैसे पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों का उल्लेख किया गया था। प्रस्ताव में सार्वजनिक स्थानों की परिभाषा में सड़क, सार्वजनिक परिवहन और जनता के लिए खुले स्थानों को शामिल किया गया था।
इटली से क्यों जोड़ा जा रहा है यह मामला?
स्पेन की यह खबर ऐसे समय सामने आई है जब इटली में भी चेहरे को ढकने वाले परिधानों को लेकर नई पहल चर्चा में है। 20 सितंबर 2026 को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब जैसे चेहरे ढकने वाले परिधानों पर रोक लगाने की योजना की घोषणा की थी।
हालांकि दोनों मामलों में अंतर समझना जरूरी है। इटली की घोषित योजना स्कूलों से संबंधित है, जबकि स्पेन के लियेडा में मंजूर नगर व्यवस्था सार्वजनिक स्थानों से संबंधित है। इसलिए दोनों खबरों को एक जैसा कानून मानना सही नहीं होगा।
धार्मिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक नियमों की बहस
चेहरा ढकने वाले परिधानों को लेकर यूरोप में बहस सिर्फ कपड़ों तक सीमित नहीं है। इसके साथ धार्मिक स्वतंत्रता, व्यक्तिगत पसंद, महिलाओं के अधिकार, सार्वजनिक जीवन में पहचान और स्थानीय प्रशासन के अधिकार जैसे कई सवाल जुड़े हुए हैं। एक ओर प्रशासनिक पक्ष अपने फैसलों को सार्वजनिक व्यवस्था, नागरिक सहभागिता या महिलाओं के अधिकारों से जोड़ता है, वहीं दूसरी ओर ऐसे नियमों को लेकर धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों से जुड़े सवाल भी उठते रहे हैं।
इसी वजह से लियेडा का नया फैसला आने वाले समय में केवल स्थानीय स्तर पर लागू होने वाली नगर व्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि कानून और मौलिक अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर होने वाली बहस के संदर्भ में भी देखा जा सकता है। फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि यह फैसला लियेडा का स्थानीय नियम है, जबकि स्पेन में चेहरे को ढकने वाले परिधानों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अलग राजनीतिक और कानूनी बहस भी जारी है।
