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October 1, 2026

शुभमन गिल का तूफानी अंदाज, 117 गेंदों में दोहरा शतक जड़कर रचा इतिहास

शुभमन गिल सबसे तेज दोहरा शतक जड़ने के बाद बल्ला और हेलमेट उठाकर जश्न मनाते हुए

क्रिकेट के मैदान पर कुछ पारियां सिर्फ स्कोरबोर्ड का हिस्सा नहीं बनतीं, बल्कि लंबे समय तक याद रखी जाती हैं। बुधवार को गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में शुभमन गिल ने ऐसी ही एक ऐतिहासिक पारी खेली। भारतीय कप्तान ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि वनडे क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम सबसे ऊपर दर्ज करा दिया। गिल ने महज 117 गेंदों में दोहरा शतक पूरा कर वनडे इतिहास का सबसे तेज 200 रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

शुरुआत से ही दिखा गिल का अलग अंदाज

गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 405 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतना बड़ा लक्ष्य किसी भी टीम के लिए दबाव पैदा कर सकता था, लेकिन भारतीय पारी की शुरुआत ने जल्द ही तस्वीर बदल दी।

शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने पारी की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। दोनों के बीच शानदार साझेदारी हुई और भारत को रन चेज में वह शुरुआत मिली, जिसकी जरूरत थी। रोहित ने भी शतक लगाया, लेकिन उस दिन की सबसे बड़ी कहानी गिल की बल्लेबाजी रही।

गिल ने पहले अपनी पारी को संभलकर आगे बढ़ाया और फिर अचानक बल्लेबाजी की रफ्तार ऐसी बढ़ाई कि वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं बचा। चौके और छक्कों की बारिश के बीच उन्होंने अपना दोहरा शतक पूरा किया और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना दिया।

117 गेंदों में डबल सेंचुरी, टूट गया बड़ा रिकॉर्ड

गिल ने 117 गेंदों में 200 रन पूरे किए, जिससे उन्होंने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के ही ईशान किशन के नाम था, जिन्होंने 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ 126 गेंदों में दोहरा शतक लगाया था। गिल ने इस रिकॉर्ड को नौ गेंदों के अंतर से पीछे छोड़ दिया।

दिलचस्प बात यह है कि गिल खुद भी पहले दोहरा शतक लगा चुके हैं। जनवरी 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने 208 रन की शानदार पारी खेली थी। उस समय उन्होंने 145 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया था। अब तीन साल से ज्यादा समय बाद उन्होंने उसी उपलब्धि को कहीं ज्यादा आक्रामक अंदाज में दोहराया है।

223 रन की नाबाद पारी ने मचाया तहलका

दोहरा शतक पूरा करने के बाद भी गिल रुके नहीं। उन्होंने अपनी पारी को और आगे बढ़ाया और अंत तक नाबाद रहे। गिल ने 133 गेंदों पर नाबाद 223 रन बनाए। उनकी इस पारी में 26 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। बीसीसीआई ने भी अपनी कवरेज में उनकी 223 रन की नाबाद पारी को प्रमुखता दी है।

यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि गिल सिर्फ तेजी से रन नहीं बना रहे थे, बल्कि बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी टीम को लगातार जीत के करीब ले जा रहे थे। उनके शॉट्स में आक्रामकता के साथ-साथ नियंत्रण भी दिखाई दिया।

रोहित शर्मा के साथ बना यादगार साझेदारी का रिकॉर्ड

गिल की इस ऐतिहासिक पारी में रोहित शर्मा का योगदान भी बेहद महत्वपूर्ण रहा। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर भारत के लिए 255 रन की ओपनिंग साझेदारी की। रोहित ने भी शतक लगाया और दोनों की बल्लेबाजी ने वेस्टइंडीज के 405 रन के विशाल स्कोर को अचानक सामान्य सा बना दिया।

एक तरफ अनुभव और दूसरी तरफ नई पीढ़ी की आक्रामक बल्लेबाजी—गुवाहाटी में भारतीय क्रिकेट की इन दोनों पीढ़ियों का मेल देखने को मिला। रोहित के शतक के बाद गिल ने जिस रफ्तार से पारी को आगे बढ़ाया, उससे भारत का रन चेज पूरी तरह नियंत्रण में आ गया।

सिर्फ दोहरा शतक नहीं, कई रिकॉर्ड एक साथ

गिल की इस पारी का असर सिर्फ सबसे तेज दोहरे शतक तक सीमित नहीं रहा। वह वनडे क्रिकेट में एक से ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल रोहित शर्मा के नाम थी, जिनके नाम वनडे में तीन दोहरे शतक हैं।

इसके अलावा, गिल की यह पारी रन चेज के दौरान किसी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर के रूप में भी दर्ज हुई। इससे पहले यह रिकॉर्ड ग्लेन मैक्सवेल के नाम था।

गिल ने इसी मैच में वनडे करियर का अपना 11वां शतक भी पूरा किया। उन्होंने सिर्फ 68 पारियों में 11 वनडे शतक पूरे किए, जो भारतीय बल्लेबाजों में इससे पहले विराट कोहली के 82 पारियों वाले रिकॉर्ड से तेज है।

406 रन का लक्ष्य भी पड़ा छोटा

वेस्टइंडीज ने 405 रन बनाकर भारत के सामने 406 रन का लक्ष्य रखा था। आमतौर पर इतना बड़ा लक्ष्य किसी भी टीम के लिए बड़ी चुनौती माना जाता है, लेकिन गिल और रोहित की बल्लेबाजी ने इसे लगभग एकतरफा मुकाबले में बदल दिया।

भारत ने महज दो विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 39 गेंद बाकी रहते आठ विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त भी बना ली।

गुवाहाटी की रात सिर्फ भारत की जीत के लिए याद नहीं रखी जाएगी। यह वह रात थी जब शुभमन गिल ने अपनी बल्लेबाजी से वनडे क्रिकेट की रफ्तार का नया पैमाना तय कर दिया। 117 गेंदों में दोहरा शतक और 223 रन की नाबाद पारी ने यह साफ कर दिया कि बड़े लक्ष्य, बड़े दबाव और बड़े रिकॉर्ड—गिल के लिए अब सिर्फ चुनौती नहीं, बल्कि इतिहास लिखने का मौका हैं।

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